कोविड से जुड़ी जानकारी सुझाव और सलाह

कोविड से जुड़ी जानकारी सुझाव और सलाह

कोविड

अगर आप कोविड मरीज हैं या आपके परिवार में कोई संक्रमित है या फिर किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं, 

जो पॉजिटिव है तो आपके लिए कोविड-19 की हर जानकारी रखना बहुत जरूरी है।

 वैसे भी भारत अब तीसरी वेव की तरफ बढ़ रहा है। ऐसे में सबकी हर संभव कोशिश होनी चाहिए सुरक्षित रहने की।

विड-19 एक वायरल संक्रमण है, जो हाल ही में पाए गए कोरोना वायरस के द्वारा होता है। यह वायरस किसी भी संक्रमित व्यक्ति के लार की ड्रॉपलेट या नाक के डिस्चार्ज, खांसने या छींकने से फैलता है, 

जो कि हमारे शरीर में नाक, मुंह और आंखों के द्वारा प्रवेश करता है। हालांकि कुछ शोध का मानना है कि यह वायरस अब हवा के माध्यम से भी फैल सकता है। 

ऐसा बंद एयर कंडीशनर, ऑफिस, कैब या मॉल्स में होता है, जहां कोई संक्रमित व्यक्ति छींक या खांस देता है। ऐसी जगहों में क्रॉस वेंटिलेशन की कमीहोती है, 

इस कारण अगर आप किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में नहीं भी आते हैं तो भी आप संक्रमित हो सकते हैं। 

लेकिन इसको फैलने से निम्न तरीकों से भी रोका जा सकता है

कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम

आपको जितना हो सके उतना घर पर ही रहना चाहिए। खासकर जब आप 60 वर्ष से ऊपर हों या 5 साल से कम बच्चे आपके घर पर हों। 

अगर आपको डायबिटीज या हाइपरटेंशन या दिल की बीमारी या फिर कोई और अंडरलाइन कंडिशन है यानी कोई क्रोनिक बीमारी है तो भी आपको बाहर बिल्कुल ही नहीं निकलना चाहिए।

• घर पर भी बाहर से आने वाले लोगों से मिलना कम चाहिए।

• समय-समय पर अपने हाथ और मुंह को साबुन और पानी की मदद से धोते रहना चाहिए

• अगर घर से बाहर जा रही हैं तो निकलने प

मास्क का प्रयोग अवश्य करना चाहिए।

• यही नहीं अपने घर की हर सरफेस को डिसइंफेक्ट रखें। ताजी हवा में रहें। • साथ में पर्याप्त पोषण वाली संतुलित डाइट

लें। खुद को हाइड्रेट करने के लिए ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ पिएं।

• इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए हर्बल ड्रिंक, ताजे फलों और सब्जियों का जूस, काढ़ा बना कर पिएं।

• रोजाना एक्सरसाइज और मेडिटेशन करें। 

• डॉक्टर द्वारा सुझाई दवाइयों को रोजाना लें। स्वयं के मेडिकेशन से बचें।

• अगर किसी फेस मास्क में एक्जालेशन वाव है तो उसका प्रयोग न करें, क्योंकि उस वाल्व के द्वारा आप तो खुद को पर्यावरण के

 • कोशिश करें कि किसी बीमार के पास न कुछ पैथोजन्स आदि से बचा लेंगे, लेकिन बाकी लोग आपकी सांसों से नहीं बच पाएंगे।

• एक बात और यदि आप एक कोरोना कोविड-19 कैसे

संक्रमित फीडिंग मां हैं तो अपने बच्चे को दूध आप बचाव के उपायों का पालन करते हुए पिला सकती हैं। दूध पिलाते समय मास्क का प्रयोग करें।

 विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि वायरस दूध के माध्यम से भी फैल सकता है।

मास्क पहनते समय क्या करें व क्या न करें ?

जब आप मास्क पहनती हैं तो निम्न बातों का ध्यान जरूर रखें

 • मास्क पहनते समय इलास्टिक बैंड को अच्छे

से बांध कर सिक्योर कर लें। 

• मास्क की डोर को अपने सिर के पीछे से

मिडिल से और नीचे से अच्छे से सिक्योर करें।

मास्क पहनते समय क्या न करें?

• अपने मास्क को नाक से नीचे न रखें।

 • स्ट्रैप को गले के नीचे न लटकाएं और उन्हें क्रॉस भी न करें।

• अपने हाथों को मास्क को छूने से पहले और बाद में साबुन से धोए बिना मुंह को न छुएं।

• अपने सिर पर फेस मास्क को न पहनें।

 • अपनी गर्दन के आसपास मास्क को न पहनें।

• अपनी बाजू के आसपास अपने फेस मास्क को लटका कर न रखें।

मास्क को हटाते समय क्या करें, क्या न करें?

• अपने मास्क को उतारते समय केवल उसकी स्ट्रैप या टाई को ही हाथ लगाएं।

• मास्क को उतारने के बाद अपने हाथों को अच्छे साबुन से धोएं और 70% अल्कोहल बेस्ड सैनिटाइजर का प्रयोग करें।

मास्क को हटाते समय क्या करें, क्या न करें?

• अपने मास्क को उतारते समय केवल उसकी स्ट्रैप या टाई को ही हाथ लगाएं।

• मास्क को उतारने के बाद अपने हाथों को अच्छे साबुन से धोएं और 70% अल्कोहल बेस्ड सैनिटाइजर का प्रयोग करें।

बाद में साफ करवाएं। किसी भी ब्लीच को इस काम के लिए प्रयोग कर सकते हैं।

• अपने फोन को भी टच करने के बाद 70% आइसोप्रोपिल अल्कोहल या डिसइंफेक्टेंट वाइप के द्वारा साफ करें।

• कैश या क्रेडिट कार्ड को हाथ लगाने के बाद अपने हाथों को साफ करें क्योंकि उन चीजों में वायरस हो सकता है

• अगर आप कमरे से बाहर जाते हैं या कोई

अन्य व्यक्ति अंदर आता है तो मास्क का प्रयोग करें।

• मास्क को पहनने से पहले अपने हाथ धोएं और केवल स्ट्रैप को ही छुएं।

• अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए संतुलित मील लें।

• हाइड्रेटेड रहने के लिए खूब सारा पानी पिएं, अल्कोहल का सेवन बंद करें और हेल्दी व

संतुलित वजन बना कर रखें। • पर्याप्त मात्रा में नींद लें।

• हर रोज अपने लक्षणों जैसे- सूखी खांसी, बुखार, सांस कम आना, स्वाद और गंध कम

आना आदि को देखें। • अगर हो सके तो ऑक्सीजन लेवल नापने

के लिए फिंगर पल्स ऑक्सीमीटर रखें। • अपने परिवार के सदस्यों के लिए

कीमोप्रोफिलेक्स की मेडिकल जानकारी लें।

घरेलू उपचार के दौरान क्या न करें ?

• घबराएं नहीं। ● पब्लिक प्लेस में न निकलें। पब्लिक

ट्रांसपोर्ट का प्रयोग भी न करें। • अपने हाथों को धोए बिना अपने मुंह, आंख, नाक को न छूयें।

• अपना पानी, बर्तन, बिस्तर अन्य परिवार के सदस्यों के साथ साझा न करें। • वृद्ध रिश्तेदारों के पास न जाएं क्योंकि उन्हें

वायरस होने का सबसे अधिक खतरा होता है। अपने घर पर भी उन्हें न बुलाएं।

● किसी से मिलते समय हाथ न मिलाएं या गले न लगें। किसी का अभिनन्दन करते समय उनसे 6 से 8 फीट दूर रहें।

कोविड- 19 की दूसरी लहर में बच्चों में लक्षण

कोविड की दूसरी लहर में बच्चे भी बहुत अधिक प्रभावित हो रहे हैं 

और अगर पिछले साल बच्चे एक प्रतिशत प्रभावित थे तो इस साल बच्चे 1.2 प्रतिशत प्रभावित हैं। इस म्यूटेंट में इम्यून एस्केप फिनोमिना होता है 

अर्थात यह हमारे शरीर का ही सिस्टम बन कर हमारे शरीर में प्रवेश करता है और फिर इम्यूनिटी सुरक्षा से बच निकलता है। 

इसी कारण बच्चे इस बार अधिक प्रभावित हो रहे हैं। लेकिन यह इस बात का प्रमाण बिल्कुल नहीं है कि बच्चों को संक्रमण बड़े लोगों के मुताबिक अधिक होने वाला है। 

इस बार 30 वर्ष से कम लोगों को होने वाला संक्रमण 32% है जबकि पिछली लहर में यह 31% था। यानी अभी तक युवा ज्यादा खतरे में हैं।

बच्चों में पाए जाने वाले लक्षण

बच्चों को ज्यादातर बुखार, ठंड लगना, सांस कम आना खांसी, सुगंध न आना, गले में दर्द, मल्टी सिस्टम इन्फ्लेमेटरी सिंड्रोम, भूख न लगना, डायरिया और 

उल्टियां, पैंक्रियाटाइटिस, लीवर कीबीमारियां, कुछ गंभीर लक्षण जैसे- सांस फूलना, इंफ्लेमेशन, आलस आदि लक्षण दिखाई देते हैं।

 डॉक्टर के मुताबिक जिन बच्चों को लक्षण देखने को मिल रहे हैं उन्हें 14 दिन तक घर पर ही क्वारंटाइन कर डॉक्टर की सलाह से दवाइयां देते रहें और ऑक्सीजन लेवल चेक करें।

इमरजेंसी मेडिकल एडवाइस कब लें ?

अपने लक्षणों को नियमित रूप से मॉनिटर करते रहें और अगर निम्न लक्षण देखने को मिलें तो तुरंत आपातकालीन रूप से मेडिकल हेल्प ले

• खांसी और सांस फूलने जैसे लक्षणों

का बहुत गंभीर हो जाना।

• अगर आप पल्स ऑक्सीमीटर का प्रयोग कर रहे हैं तो ऑक्सीजन लेवल का 95% से कम हो जाना। ध्यान लगाने में बहुत ज्यादा दिक्कत होना।

होठों या फेस का नीला पड़ जाना।

नया बुखार होना या पहला बुखार ही दुबारा हो जाना और तापमान का 101 डिग्री से अधिक होना।

छाती में दर्द का या प्रेशर का लगातार रहना।

• जागते रहने या जागने में असमर्थ होना।

घर पर यदि किसी मरीज की देखभाल कर रहे हैं

यदि आपके घर में कोई कोविड-19 संक्रमित है और आप उसकी देखभाल कर रहे हैं, 

तब मरीज के कमरे में जाते समय ट्रिपल लेयर मेडिकल मास्क को अच्छे से पहनें। आपको

मास्क का आगे का हिस्सा नहीं छूना है। अग मास्क आपके पसीने या ड्रॉपलेट के कारण ज्यादा गीला हो जाए तो तुरंत बदलें। प्रयोग करने के बाद मास्क को फेंक दें और अपने हाथों का हाइजीन मेंटेन करें। 

खाना बनाने और खाने से पहले और बाद में हाथ कम से कम 40 सेकेंड तक अवश्य धोएं। मरीज के आसपास जाएं तो उसके बॉडी फ्लूइड जैसे थूक या छोंक या बलगम से दूरी रखें। 

ग्लब्स के प्रयोग करें। उनके द्वारा छुए गए पदार्थों को न छुएं। उनके प्रयोग किए गए टॉवल को छूने से परहेज करें। यही नहीं देखभाल कर रहे व्यक्ति को भी अपना स्वास्थ्य और अपने तापमान को नियमित रूप से चेक करते रहना चाहिए 

और अगर कोई लक्षण देखने को मिलता है तो तुरंत डॉक्टर को इस बारे में बताएं। गंध या स्वाद के न आने पर, सांस फूलना, खांसी और बुखार जैसे लक्षणों को इग्नोर न करें।

भावनात्मक तौर पर भी रहें मजबूत

वायरस से संक्रमित होने का अनुभव बहुत डरावना और चिंताजनक हो सकता है।

 यह बीमारी न केवल आपको शारीरिक रूप से बल्कि आपको मानसिक और जज्बाती रूप से भी प्रभावित करती है। 

साइकोलॉजिकल प्रभाव अलग-अलग हो सकते हैं। मानसिक रूप से आपका स्वस्थ रहना जरूरी है।

एक हेल्दी डाइट जरूरी

शरीर में अच्छे पोषण का होना बहुत जरूरी है। यह इंफेक्शन के दौरान, पहले और बाद हर हाल में होना चाहिए। हालांकि कोई सप्लीमेंट या डाइट्री बदलाव आपके लक्षणों को कम नहीं कर देने वाला है। 

Dr. Padmini Issac

में एक डॉक्टर हूँ,मैं इस ब्लॉग पर स्वस्थ से जुड़े सबलो के जबाब ब्लॉग के रूप में देती रहती हूँ,आशा करती हूँ ये जानकारी आपके स्वस्थ रहने में आपको अनेक मदत करेगी|

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